Big Breaking : पराली जलाने की रोकथाम में महराजगंज प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 102 किसानों पर लगाया जुर्माना , कई कंबाइन हार्वेस्टर भी सीज करने से मचा हड़कंप

मुख्य संपादक - ओंकार नाथ वर्मा 

UP Samachar Plus 

महराजगंज, 11 नवम्बर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत, प्रदूषण नियंत्रण के लिए महराजगंज जिले में फसलों के अवशेष जलाने की रोकथाम के लिए सैटेलाइट निगरानी की जा रही है। इस कड़ी में आज जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए विकास खंड सदर और विकास खंड परतावल में पराली जलाने से संबंधित मामलों पर शिकंजा कसा है।

मुख्य सचिव उ.प्र. शासन लखनऊ के आदेश पर जिलाधिकारी अनुनय झा के निर्देशन में, कृषि विभाग के अधिकारियों ने फसल अवशेषों को जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कंबाइन हार्वेस्टर मशीनों के चलाने में निर्धारित नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई शुरू की।

आज, विकास खंड सदर में वीरेन्द्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी महराजगंज और उपजिलाधिकारी सदर ने किशोर जायसवाल पुत्र रामसरन के कंबाइन हार्वेस्टर को सुपर एस.एम.एस. (Straw Management System) न होने के कारण सीज कर दिया। इसी प्रकार, विकास खंड परतावल में राजेश कुमार, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी और महेन्द्र यादव, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) ने शमसाद और कमालुदीन के कंबाइन हार्वेस्टर को सीज किया।

इसके अलावा, विकास खंड घुघुली में केदानाथ द्विवेदी, सहायक विकास अधिकारी (कृषि रक्षा) और वशिष्ठ कुशवाहा, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) ने उमाशंकर चौधरी के कंबाइन हार्वेस्टर को सीज किया। सभी अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने से बचें और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।

इस अभियान के तहत कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों को पराली जलाने के खतरों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। साथ ही उन्हें यह जानकारी दी जा रही है कि किसी भी दशा में अपने खेतों में पराली न जलने दें।

महाराजगंज जिले में इस अभियान के तहत कुल 102 किसानों पर ₹25,500 जुर्माना लगाया गया है, जिसकी वसूली की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने अन्य दंडात्मक कार्यवाही की भी योजना बनाई है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

जिलाधिकारी अनुनय झा ने स्पष्ट संदेश दिया कि पराली जलाने से उत्पन्न प्रदूषण से न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरे की घंटी है। प्रशासन किसी भी किसान को इस अपराध में संलिप्त नहीं होने देगा और नियमों का पालन करने वाले किसानों को हर संभव मदद प्रदान करेगा।

यह कार्रवाई महराजगंज जिले में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है और उम्मीद की जा रही है कि इससे अन्य जिलों में भी ऐसे सख्त उपायों को लागू किया जाएगा।


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